एक छोटा सा घर
एक छोटा सा घर
एक छोटा सा घर हो मेरा
एक छोटा सा परिवार
छोटे छोटे कणों को समेटे
एक छोटा सी दुनिया हो मेरी।
खुशिओं की लहरें हो चारों तरफ
प्यार ही प्यार बसा हर मन के अंदर
भरोसे की नींव हो और
हमेशा खुशहाली हो घर के अंदर।
बड़ी ये संसार उसमें छोटी सी हो दुनिया हमारी
आप मैं और नन्ही सी परी हो दुनिया हमारी
हर एक नयन में एक दुझे के लिए स्नेह हो
में और आप जीवन भर का साथ
दिल में बस यही बात हो।
चाहत चाह बनकर रहगई
सपने जो संजोयेथे आश बनकर रहगई
उम्मीद लगायेथे सूरज को साम ढलगई।
छोटी सी दुनिया
और प्यारा सा रिश्ता
पल में ढह गई
जैसे कच्चे धागे टूट गई
मोतियाँ ज़मीं पे बिखर गई।
न आई समझ ना आया ज्ञान
पानी की तरह लम्हों में फूट गई
जो बनाए थे प्यारा बंधन और पवित्र रिश्ता
एक झटके में सूखे पत्ते की तरह
साख से टूट गई।
