STORYMIRROR

Sukanta Nayak

Drama

3  

Sukanta Nayak

Drama

चुनाव

चुनाव

1 min
323

हो हौसला बुलंद तो नामुमकिन कुछ भी नहीं

इरादें मजबूत तो अंजाम का कोई गम नहीं।


कारवां बनता चला जाए

मंज़िल पास दिखता नज़र आये

अंदर से उठी हुंकार को सही मार्ग दिखादो

ईश्वर की कृपा खुद ब खुद बरस जाए।


जनता जनार्दन है

ये लोकतंत्र की ताकत है

मिटादे बड़ी बड़ी हस्ति 

गिरादे परिवारवाद सरकार

तो कभी बनादे रंक को राजा

और राष्ट्रवाद की सरकार।


राष्ट्र की डोर ना हो कमजोर जिसने ये सिखाया

वही सरकार लोकतंत्र को सही मायनों में निभाया।


है वो राष्ट्र सर्वोत्तम 

जो प्रजा को साथ ले के चलना सीखा

है वो राष्ट्र सर्वोत्तम 

जिसके राजा ने न्याय को

सबसे अधिक महत्व देना सीखा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama