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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

"बोली"

"बोली"

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जो काम नहीं होता है, गोली से

वो काम हो जाता है, बोली से


कम बोले परन्तु अच्छा बोले

महाभारत हो गई थी, बोली से


ईश्वर ने भी खूब सोचा बोली पे

जीभ को घेरे रखा, दंत टोली से


जीवन सुंदर होगा, शब्द रंगोली से

शत्रु मित्र बन जाते, अच्छी बोली से


हर घाव भर जाता, सिवाय बोली के

हम क्या, पत्थर रोते, कड़वी बोली से


पहले सोचे, तोले ओर फिर बोले

बिगड़ते काम, बन जाते है, बोली से


जो भी काम न होते जोराजोरी से

वो काम हो जाते है, मीठी बोली से



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