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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

"साडू मां रा लाल"

"साडू मां रा लाल"

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जय हो साडू मां रा लाल

लिया जन्म,कमल नाल

प्रकटे,आप कलिकाल 

किया चारो ओर धमाल

सवाईभोज के,आप पुत्र

वीर थे,बहुत ही कमाल

माघ शुक्ल सप्तमी,

तिथी थी,अमृतकाल

प्रकटे मालासेरी डूंगरी

लेकर विष्णु अवतार

ग़ांव-ग़ांव आपके देवरे

भक्त,आपके,लाख,हजार

जन्मदिन 1112 वां

आपका इस साल

मना रहे,धूमधाम से 

देवनारायण भगवान

नाचकर डीजे पर

बिना सुर ओर ताल

सजा है,फूलों से

आपका देव,दरबार

जंतर-मंतर के ज्ञाता

अधर्म मिटाते,हरहाल

देव आप तो करते

भक्तों की देखभाल

जो आता,शरण,दरबार

उसका ले लेते,वो भार

मिटता,उसका भ्रमजाल

जो करता,देव पर ऐतबार

जब-जब करे,भक्त पुकार

देव करते नित,चमत्कार

आओ चले,मंदिर देव-दरबार

खिलेंगे मुरझाये पुष्प हजार।



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