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Sukanta Nayak

Others

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माता पिता

माता पिता

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वादे तो सब करते हैं

निभाना मुश्किल होता है

साथ तो देंगे सब कहते हैं

साथ देने वाला कोई नही मिलता है।


हर उम्मीद खाक बन जाती है

हर रोशनी राख बन जाती है

जीवन में जो कोई अनमोल प्यार बरसाते हैं

वही ईश्वर के स्वरूप माता पिता कहलाते हैं।


ऐसे खुशनसीब तो हर कोई होता है

जिनको माता पिता की सदैव आशीष नसीब होता है

हर कोई नही समझ पाता

धूप में छाँव और अंधेरे में रोशनी होती है।


माँ का प्यार तो दिखता है

आँखे नम हो तो प्यार दिखता है

रूठ भी जायें हम कितना भी

माँ का लाड़ प्यार कभी कम नही होता है।


हैं कठोर तो क्या हुआ

हर आंधी में डट के खड़े होते है

नामुमकिन को मुमकिन करते हैं

कभी दिखना पाये अंदर का प्यार

बट वृक्ष की तरह साथ रहते हैं

वही पिता कहलाते हैं।


हर चाह को पूरा करते है

अपनी जीवन निछावर करते है

ईश्वर के रूप माता पिता

बेइंतहा प्यार बरसातें हैं।


करना पाओ कभी ईश्वर की भक्ति तो

कोई बात नहीं

माता पिता की दिल से भक्ति कर लो

क्या जाने कब वो दिन आ जाए

रोते रहो नसीब पे और

हाथ से वक़्त छूट जाए।


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