एहसास
एहसास
ढूँढे नयन
खामोश एहसास
मन बैचेन ।
तरसे मन
कुतरे बीता कल
कचौटे मन।
एक सवाल
हर बार मैं क्यों
यही वेदना ।
खामोश दिल
ढूँढे मन की पीड़ा
घुले रे मन।
आहत मन
अनकही सी पीड़ा
असहनीय।
न कोई दोस्त
जो पढ़े एहसास
मिले सुकून।
मन खामोश
ढूँढ रहा जवाब
है एहसास।
