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Neerja Sharma

Tragedy


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Neerja Sharma

Tragedy


एहसास

एहसास

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ढूँढे नयन 

खामोश एहसास 

मन बैचेन ।


तरसे मन

कुतरे बीता कल

कचौटे मन।


एक सवाल

हर बार मैं क्यों

यही वेदना ।


खामोश दिल 

ढूँढे मन की पीड़ा

घुले रे मन।


आहत मन

अनकही सी पीड़ा

असहनीय।


न कोई दोस्त

जो पढ़े एहसास

मिले सुकून।


मन खामोश

ढूँढ रहा जवाब

है एहसास।



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