STORYMIRROR

Priti India

Tragedy

4  

Priti India

Tragedy

बेरोजगारी और भूख

बेरोजगारी और भूख

1 min
65

बेरोजगारी की उपज भुखमरी होती है 

जो व्यक्ति के माँस को सोख

अंदर ही अंदर खा जाती है शरीर को


इस तरह एक शरीर का ख़त्म होना

भयावह है, 

जिसका इलाज़ तो है

पर इस "न करने में" जो कारण है


वे बनाये रखना चाहते हैं इस विषमता को

क्योंकि इसी बेरोजगारी और भुखमरी का भय

जन्म देता है न जाने कितने ही

अपराधों को, 


हथियार बनता है

नेताओं और कट्टरपंथियों के स्वार्थों का

जो "भूख" आवश्यकता है जीवन की, 

ताकत है यही "भूख" उन सत्ताधारी वर्गों की।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy