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Ritu Garg

Tragedy

4  

Ritu Garg

Tragedy

आंसू

आंसू

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यह कतरा नहीं पानी का 

ना ही यह बूंद है सागर की

ना ही यह मोती समंदर का है

ना ही दरिया का यह बहता पानी


ना ही डगमगाती लहरों की कश्ती

ना ही यह मौजों की कहानी

ना ही यह ओस की बूंद है

ना ही बादलों से बरसता पानी


ना ही कुएं का नीरव जल है

ना ही पहाड़ों से बहता निरझर झरना

इसकी कीमत किसी ने ना जानी


यह तो जीवन की है 

बस बेजुबान कहानी

 बस बेजुबान कहानी।


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