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Neetu Lahoty

Tragedy

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Neetu Lahoty

Tragedy

दुनिया दिल पर हावी है

दुनिया दिल पर हावी है

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दुनियाँ दिल पर हावी है 

अरमानों को पंख लगे 

जज्बातों को जब्त किया 

झूठे ही मुस्कुराये हम

 

आंसुओं को कैद किया 

बेचारे दिल से बोझ न संभला 

उसने धड़कना भी छोड़ दिया 

फिर भी दुनिया दिल पर हावी है 


नकली रिश्तों से खुश होते हैं 

असली संबंधों से कतराते हैं 

खुद को सही साबित करने के लिये 

पानी की तरह पैसा बहाते हैं 


खुद आईना देखने से भी घबराते हैं 

प्लास्टिक सी मुस्कान चेहरे पर चिपकाते हैं 

क्योंकि दुनिया दिल पर हावी है !


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