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Rashmi Lata Mishra

Drama

3  

Rashmi Lata Mishra

Drama

दर्द

दर्द

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दर्द का साया

गहराता ही गया

जख्म की स्याही

हरी होती गई। 


जिंदगी धूप छाँव सी

कभी हँसती कभी

रोती ही गई।


अजब संसार की

गजब लाचारी है 

खुद हम हमारे नहीं

पर सारी कायनात

हमारी है।


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