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Kirti Prakash

Tragedy

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Kirti Prakash

Tragedy

दर्द

दर्द

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दर्द फिर मुस्कुरा उठते हैं

जब भी मिल जाता है

उसका कोई चाहने वाला

मैं साथी बदल भी लूँ

तो कहाँ कहाँ

यही चमन उसका भी यही वतन मेरा भी...


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