STORYMIRROR

Kirti Prakash

Tragedy

4  

Kirti Prakash

Tragedy

दुआ मेरी

दुआ मेरी

1 min
523

मैंने दुआ के हर एक नग

उसके नाम के पढ़े हैं

जिसकी पूरी हयात में मेरा

कहीं कोई ज़िक्र नहीं...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy