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Shraddhanjali Shukla

Tragedy

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Shraddhanjali Shukla

Tragedy

दर्द दिल का

दर्द दिल का

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बिखरी तस्वीर मेरी

रूठी तकदीर मेरी

अपने वादों पे देख

तूने खुद नजर फेरी।


      आँसू ही श्रंगार है

      ये तेरी ही हार है

     जो टूटी हूँ मैं यहाँ

     तेरा ही तो प्यार है।


ले हर टुकड़े पर देख

लिखे हैं जुल्म के लेख

रोती आँखों पर मेरी

खिंची है दर्द की रेखा।


       रोना मेरा नसीब है

       खोया वो जो करीब है

       कहता है आईना भी

       झूठा मेरा हबीब है।


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