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ayush jain

Romance

4  

ayush jain

Romance

दोस्ती

दोस्ती

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'वो रहता है साथ मेरे मगर मुझे महसूस नहीं होने देता है,

और ये दिक्कत मुसीबत ये सब क्या होती है ये मैं नहीं जानता,

लगता है ये सब वो अपने सिर ले लेता है..


और ज़माना उसे मेरा दोस्त कहता है,

मगर मैं पागल उसे अपनी जान  कहता हूँ..'


'शायद बहुत कमज़ोर दिल है मेरा जो हर बात पे इतनी जल्दी रो देता हूं, 

सच ही कहती  थी वो कि मुझमे ही  कोई कमी है,

जो हर अज़ीज़ को मैं इतनी जल्दी खो देता हूँ..'


'बहुत खुश हूं मैं अपनी ज़िंदगी में, कोई उदासी मुझे छू नहीं पाती है, 

और कोई अपना जब भी दिल दुखाता है मेरा, बस तेरी याद बहुत आती है।



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