दोस्त बनकर
दोस्त बनकर
धोखा देते हैं लोग दोस्त बनकर
जान लेते है लोग दोस्त बनकर
किन पे यकीन करे अब साखी,
दगा देते है लोग दोस्त बनकर
पवित्र शब्द दोस्ती बदनाम है
आंखों में धूल झोंकना आम है
शूल देते हैं लोग दोस्त बनकर
शीशे के ख़्वाब पर यहाँ साखी,
पत्थर बनते हैं लोग दोस्त बनकर।
