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गुलशन खम्हारी प्रद्युम्न

Abstract Inspirational


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गुलशन खम्हारी प्रद्युम्न

Abstract Inspirational


दोहा छंद..

दोहा छंद..

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माता को समर्पित दोहे-


मातु सहे जो दर्द हैं, जननी वह अनमोल ।

मास बिता नौ गर्भ में, माता पहली बोल ।।(१)


फाड़ उदर तब जन्म हो, विधना विधि का लेख ।

क्यों अपमानित हो वही, खोल नयन अरु देख ।।(२)


भोजन पहले सुत खिला, खाती तत्पश्चात ।

बेटे केवल प्यार दो, देते क्यों मन‌ घात ।।(३)


छूकर चरणों से मिला, सबको अपना नाम ।

प्रभु वर रहते साथ ही, समझो उनका काम ।।(४)


ममता सब पर वारती, जीवन बन वैराग्य ।

पाकर तुमको ही सदा, धन्य हुआ मम भाग्य ।।(५)



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