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S N Sharma

Inspirational

4  

S N Sharma

Inspirational

दिया नेह का जलता रहे

दिया नेह का जलता रहे

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बर्तनों को जब भी रखोगे साथ में, तो वो टकराएंगे ।

टूटते हैं कहां रिश्ते तकरार के संग प्यार भी पलता रहे।


अपनी डफली पर राग अपना छेड़ना जहां की रीत है।

 बदल दो शोर को सुर में सुरीला गान फिर चलता रहे।


क्या मिला और क्या खो दिया क्यों व्यर्थ ये चर्चा करें।

जो कर सके वह इस पल ही कर ये कारवां चलता रहे।


 कमियां अनेकों है यहां हर शख्स में बस ये जान लो।

अच्छाइयों को काम में लो तो दिया नेह का जलता रहे।



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