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Sandip Kumar Singh

Inspirational

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Sandip Kumar Singh

Inspirational

दिवाली

दिवाली

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इस दिवाली प्रण करें,

मन का दीप ज्वलंत करें।

सफाई और सादगी,

दो दृढ़ हत्यार से,

जीवन का सुरक्षा करें।

तन सुरक्षित _मन सुरक्षित,

और जहां के जन _जन सुरक्षित।

औकात नहीं अंधेरों की,

कि सुबह न होने दे।

इस दिवाली प्रण करें,

हर घर और हर गली से,

जीवन का वह दीप ज्वलंत करें।

अशुभ और अभाग्य को,

कर दें स्वाह।



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