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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

दिलमें बसाले

दिलमें बसाले

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ओ सुंदर मतवाली प्यारी,

चाल तेरी है बहोत नख़राली,

तेरे लिये मै हूं एक अज़नबी,

दिल में बसा ले दिलबर ज़ानी।

अधर तेरे है गुलाबी शराबी, 

नज़र तेरी है कज़राली कारी,

जैसे छ़लके ज़ाम की प्याली,

ज़ाम पिला दे दीलबर ज़ानी।

यौवन तेरा है रस की थाली,

मुझ को भान भूलाने वाली,

प्यार की सरिता बहाने वाली,

मदहोंश बना दे दीलबर ज़ानी।

आज़ा चांदनी खिली सुहानी,

मिलन की प्यास बढ़ाने वाली,

प्यारकी ज्योत ज़गाने वाली,

तड़प मिटा ज़ा दिलबर ज़ानी।

मुझसे दूर न रहो मेरी रानी,

शोर मेरे दिल में मचा है भारी,

"मुरली" सुनाऊं मै तेरे प्यार की,

गले लगाले ओ दिलबर ज़ानी।



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