STORYMIRROR

Suresh chandra Padhy

Romance

3  

Suresh chandra Padhy

Romance

दिल मे रहती हो

दिल मे रहती हो

1 min
200

तुम मेरे दिल में रहती हो

मुझे अपना तुम बनाती हो

तुम मेरे करीब आती हो

मुझे प्यार करती हो

तुम मुझे प्रेम पत्र देती हो

मुझे कितना प्रेम करती हो

मुझे तुम गले लगाती हो

अपनी प्यार मुझे देती हो

तुम कितनी भोली होती हो

मीठी बात सबको कहती हो

तुम मुझे अच्छे लगती हो

मेरा दोस्त बन के हमेशा रहती हो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance