राज रानी
राज रानी
रज रानी
सुरेश चंद्र पाढी
आओ खेलें हम झूला
साथ में लाए फूल माला
हतो में मेंहदी लगाओ
खूब सज धज हो के आओ
घर में खुशियों मनाएंगे
रज की गाना सब गाएंगे
मिठाई के साथ पान खाओ
नए कपड़े पहन के आओ
कुछ ना काम हम करेंगे
छुट्टी के समय घूमने जाएंगे
रज रानी के लिए कुछ कर जाओ
साथ रह कर रज को तुम मनाओ
