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दिल की बातें

दिल की बातें

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जिंदगी बेवफा ही सही

पर जन्म मिला है तो 

फिर प्यार से जियो


थोड़ा सा वक्त चुराते हैं

बस सब से नजरें चुरा कर 

दोस्ती निभाने के लिए।


भूल जाओ हर गुजरे दिन को

 बस आज की परवाह करो

सब कहते हैं पर

अपने कल के लिए भी 

कुछ बचा लिया करो सब 

आज ही खत्म ना कर देना

क्योंकि भूख तो कल भी

लगेगी ना।


अपने गम की नुमाइश

 करने से अच्छा इतना

 मुस्कुरा ले तू की तेरे आँसू

 किसी को नजर ही ना आये।


मतलबी कौन है

 कौन नही ये तो वक्त ही

 बताता है

वक्त का खेल हर कोई 

समझता नहीं।


मतलबिओं के इस 

जहां में गर हम मतलबी ना बने

तो अच्छा होगा वरना हममें 

और उनमें क्या अंतर 

रह जायेगा।


फुरसत मिले कभी तो 

सोचना की किस किस का 

दिल आपने दुखाया है

 हो सके तो खुद को 

आइने के सामने खड़ा कर 

के ये सवाल करना जवाब 

मिल जायेगा।


लोगो का काम है कहना 

लोगो की क्यों परवाह करना

जिंदगी हमारी है 

इसलिए मुस्करा लो 

और जी लो।


चालाकियां हर पल हर

 रोज़ काम नहीं आती 

लोग परेशान हो जाते हैं

मासूम लोगों की मासूमियत

लोग हमेशा याद रखते हैं।


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