STORYMIRROR

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

4  

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

दिल की आवाज़

दिल की आवाज़

1 min
269

तुझे क्या कहूं और क्या न कहूं?

तुझे सनम कहूं या महबूबा कहूं, 

मेरे दिल मुझे कहता है की,

मैं तुझे मेरे ख्वाबों की मल्लिका कहूं।


तुझे क्या सुनाऊं और क्या न सुनाऊं ?

तुझे शायरी सुनाऊं या तराना सुनाऊं ,

मेरा दिल मुझे कहता है की, 

मैं तुझे मेरे इश्क की प्यारी गज़ल सुनाऊं।


तुझे क्या मैं मानूं और क्या न मानूं ?

तुझे खूबसूरत मानूं या श्यामल मानूं ,

मेरा दिल मुझे कहता है की, 

मैं तुझे मेरे इश्क की अफ़लातून अप्सरा मानूं।


तुझे कहां देखूं और कहां न देखूं?

तुझे दिन को देखूं या रात को देखूं,

मेरा दिल मुझे कहता है की "मुरली", 

मैं तुझे मेरे तन और मन में सदा लहराती देखूं।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance