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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

दिल की आवाज़

दिल की आवाज़

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तुझे क्या कहूं और क्या न कहूं?

तुझे सनम कहूं या महबूबा कहूं, 

मेरे दिल मुझे कहता है की,

मैं तुझे मेरे ख्वाबों की मल्लिका कहूं।


तुझे क्या सुनाऊं और क्या न सुनाऊं ?

तुझे शायरी सुनाऊं या तराना सुनाऊं ,

मेरा दिल मुझे कहता है की, 

मैं तुझे मेरे इश्क की प्यारी गज़ल सुनाऊं।


तुझे क्या मैं मानूं और क्या न मानूं ?

तुझे खूबसूरत मानूं या श्यामल मानूं ,

मेरा दिल मुझे कहता है की, 

मैं तुझे मेरे इश्क की अफ़लातून अप्सरा मानूं।


तुझे कहां देखूं और कहां न देखूं?

तुझे दिन को देखूं या रात को देखूं,

मेरा दिल मुझे कहता है की "मुरली", 

मैं तुझे मेरे तन और मन में सदा लहराती देखूं।



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