STORYMIRROR

Anil Jaswal

Fantasy

3  

Anil Jaswal

Fantasy

दिल का सौदा, सच्चा सौदा।

दिल का सौदा, सच्चा सौदा।

1 min
131

आज जब भी खाली होता,

उसके चेहरा सामने होता,

वो लंबा कद,

जैसे देवदार,

पहने जीन,

और स्लीवलेस टाप,

चेहरे पे कातिलाना मुस्कुराहट,

गुलाबी होंठ,

और गुलाबी गाल,

जब खिलखिलाकर हंसती,

गडृडो के साथ,

खूब फबती।


निकलती जिधर से,

हर कोई कहता,

काश! हमें मिलती,

पुरी की पुरी,

मिस वैलंटाइन लगती।


शायरों के लिए,

एक ग़ज़ल बनती,

रोमांटिक ख्यालों की,

एक किताब लगती,

जो भी उसके करीब आता,

बिना रोमांस किए,

नहीं रह पाता।


 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy