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AKSHATA SAGGAM

Romance

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AKSHATA SAGGAM

Romance

दिल है कि तुझ बिन धड़कता नही..

दिल है कि तुझ बिन धड़कता नही..

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248

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ये दिल है ये दिल है ये दिल ही तो है 

हाँ ये सब इस दिल कि मुश्किल है

 

ये दिल है कि तुझबिन धड़कता नहीं

ये दिल है कि तुझबिन धड़कता नही

तेरे बिन ये मुझसे भी मिलता नहीं

मेरा तो है पर ये मेरा नहीं 

सांसे भी चलती है रुकती नहीं

है धड़कने तुझमें समाई कहीं


ये दिल है के तुझ बिन धड़कता नहीं 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं 

तेरा साथ है तो ये रोता नहीं 

हँसता है फिर ये तड़पता नहीं 

मेरी जिंदगी समाई है तुझमें कही 

तुझमें हैं धड़कन और दिल भी वही


ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ख्वाइश है तेरे संग जीना यही

जीना है तेरे संग ना मरना यही 

दिल कि ही चाहत तू मिलना यही 

जीना है तेरे संग जीना यही 

तेरा साथ है तो फिर कोई बात नही 

मेरी धड़कने तुझमें समाई कहीं

 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

सांसे भी चलती है रुकती नहीं 

तेरे बिन खुशी मैंने देखी नही

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

 

ये दिल है ये दिल है ये दिल ही तो है

हा ये सब इस दिल कि मुश्किल है

तेरे साथ है जीना तेरे बिन नहीं 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

मेरी जिंदगी समाई है तुझमें कही 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं...



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