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AKSHATA SAGGAM

Romance

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AKSHATA SAGGAM

Romance

दिल है कि तुझ बिन धड़कता नही..

दिल है कि तुझ बिन धड़कता नही..

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ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ये दिल है ये दिल है ये दिल ही तो है 

हाँ ये सब इस दिल कि मुश्किल है

 

ये दिल है कि तुझबिन धड़कता नहीं

ये दिल है कि तुझबिन धड़कता नही

तेरे बिन ये मुझसे भी मिलता नहीं

मेरा तो है पर ये मेरा नहीं 

सांसे भी चलती है रुकती नहीं

है धड़कने तुझमें समाई कहीं


ये दिल है के तुझ बिन धड़कता नहीं 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं 

तेरा साथ है तो ये रोता नहीं 

हँसता है फिर ये तड़पता नहीं 

मेरी जिंदगी समाई है तुझमें कही 

तुझमें हैं धड़कन और दिल भी वही


ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ख्वाइश है तेरे संग जीना यही

जीना है तेरे संग ना मरना यही 

दिल कि ही चाहत तू मिलना यही 

जीना है तेरे संग जीना यही 

तेरा साथ है तो फिर कोई बात नही 

मेरी धड़कने तुझमें समाई कहीं

 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

सांसे भी चलती है रुकती नहीं 

तेरे बिन खुशी मैंने देखी नही

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

 

ये दिल है ये दिल है ये दिल ही तो है

हा ये सब इस दिल कि मुश्किल है

तेरे साथ है जीना तेरे बिन नहीं 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

मेरी जिंदगी समाई है तुझमें कही 

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं

ये दिल है कि तुझ बिन धड़कता नहीं...



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