STORYMIRROR

Nitu Maharaj

Classics Inspirational Others

4  

Nitu Maharaj

Classics Inspirational Others

धन्य हो गया मेरा जन्म

धन्य हो गया मेरा जन्म

1 min
400

है मिला ये जो मुझको वतन

है मिला ये जो मुझको वतन

धन्य हो गया मेरा जनम 

है मिला ये जो मुझको वतन 

धन्य हो गया मेरा जनम 

तुम सारी ही दुनिया को छोड़ो

तुम सारी ही दुनिया को छोड़ो

सबसे प्यारा ये अपना वतन


धन्य हो गया 

धन्य हो गया मेरा जनम 

है मिला ये जो मुझको वतन

धन्य हो गया मेरा जनम


मेरे देश की है अमर कहानी 

जैसे पावन ये गंगा का पानी

मेरे देश की है अमर कहानी

जैसे पावन ये गंगा का पानी

आओ करते है हम सब नमन


धन्य हो गया 

धन्य हो गया मेरा जनम

है मिला ये जो मुझको वतन

धन्य हो गया मेरा जनम


यहां आके तुम देखो जरा

कितना सुंदर ये देश मेरा 

बरसती है जब सावन यहां 

हरियाली से सजती धरा

सजी हरे रंग ये जैसे सरगम 

धन्य हो गया मेरा जन्म 


कितना पावन ये धरती यहां 

कितना पावन ये देश मेरा 

ढूंढ लूं सारी दुनिया में फिर भी 

इनके जैसा मिले कोई कहां 

जग में दुजा ना ऐसा वतन 

धन्य हो गया मेरा जन्म 

है मिला ये जो मुझको वतन 

धन्य हो गया मेरा जन्म।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics