Nitu Maharaj
Comedy
जिंदगी बेकार कर गए है अब ये
विकास का झूठ नारा लगाई
हालत बदतर हुई है सबकी
ऊपर से हाय ये महंगाई
बेरोजगारी हुई है कितनी
कैसे जिए युवा सरकार
कैसे गुजरे ये जीवन अब
दे कोई उपाय बताए,
ऊपर से हाय ये महंगाई।
जो पहली बार ह...
हिन्दी से हिं...
नया सवेरा
आंखे
ये महंगाई
मै छू लूं गगन...
गरीब मासुम
कौन वहां
एक मीरा
संकल्प
मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो
न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग
जब सच से पाला पड़ता तो घड़ों पानी पड़ता सिर पर फिर आती अक्ल ठिकाने। जब सच से पाला पड़ता तो घड़ों पानी पड़ता सिर पर फिर आती अक्ल ठिकाने।
अपने सभी परिजन को देख ले आखरी बार यामलोक तू जाने को अब हो जा तैयार अपने सभी परिजन को देख ले आखरी बार यामलोक तू जाने को अब हो जा तैयार
बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ? बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ?
मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर चुकाया। मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर चुकाया।
अब आप ही बताइए इसमें मेरा क्या है दोष। अब आप ही बताइए इसमें मेरा क्या है दोष।
ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया। ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया।
हिन्दू मुस्लिम की खाई को देना है पाट, अरे कभी खा के तो देखो मजेदार पापड़ी चाट। हिन्दू मुस्लिम की खाई को देना है पाट, अरे कभी खा के तो देखो मजेदार पापड़ी चाट।
हुआ ऐसा 4,5 मकान छोड़ के सामने वाले घर में मैंने देखा किसी को लंबे बाल आगे लेकर पोंछते हुआ ऐसा 4,5 मकान छोड़ के सामने वाले घर में मैंने देखा किसी को लंबे बाल आगे लेकर ...
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में फिर से उन्हें गद्दी पर बैठा दिया उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में फिर से उन्हें गद्दी पर बैठा दिया
बिना शर्म के खुलम खुला सब को राज़ बताता हूँ। सुनो साथियो एक कहानी दिल की तुम्हें सुनात बिना शर्म के खुलम खुला सब को राज़ बताता हूँ। सुनो साथियो एक कहानी दिल की तुम्...
बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता। बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता।
खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है
प्यार से समझाने की बहुत कोशिश की रह-रहकर, मगर सब बेकार, बस बैठी थी वह एक ही रट लगाकर प्यार से समझाने की बहुत कोशिश की रह-रहकर, मगर सब बेकार, बस बैठी थी वह एक ही र...
बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया। बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया।
जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !! जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !!
एक दिन मामला ऐसा बिगड़ा कि पड़ोसी पड़ोसन का हो गया आपसी झगड़ा। एक दिन मामला ऐसा बिगड़ा कि पड़ोसी पड़ोसन का हो गया आपसी झगड़ा।
अभी अभी बारिश के बीच सुरक्षित ठांव ढूंढ़ते ढूंढ़ते अभी अभी यमराज से मुलाकात हो गई। अभी अभी बारिश के बीच सुरक्षित ठांव ढूंढ़ते ढूंढ़ते अभी अभी यमराज से मुलाकात ह...
बैठे बैठे कहते है हर घर की के जीजा, अब कभी न मँगवाना बाहर से पिज्जा। बैठे बैठे कहते है हर घर की के जीजा, अब कभी न मँगवाना बाहर से पिज्जा।