Nitu Maharaj
Comedy
जिंदगी बेकार कर गए है अब ये
विकास का झूठ नारा लगाई
हालत बदतर हुई है सबकी
ऊपर से हाय ये महंगाई
बेरोजगारी हुई है कितनी
कैसे जिए युवा सरकार
कैसे गुजरे ये जीवन अब
दे कोई उपाय बताए,
ऊपर से हाय ये महंगाई।
हिन्दी से हिं...
नया सवेरा
आंखे
ये महंगाई
मै छू लूं गगन...
गरीब मासुम
कौन वहां
एक मीरा
संकल्प
है किसी की उम...
भारतीय लोकतंत्र को समर्पित एक भावान्जलि भारतीय लोकतंत्र को समर्पित एक भावान्जलि
इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया । इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया ।
इस कल्पवृक्ष का हर कोई अभिन्न अंग है, बांध कर रखे हैं हमें प्यार, आदर और सत्कार। इस कल्पवृक्ष का हर कोई अभिन्न अंग है, बांध कर रखे हैं हमें प्यार, आदर और सत्क...
पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान। पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान।
चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है। चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है।
साथ में चाय पकौड़ी का आनन्द उठा रहा हूँ, फोन रख दो नहीं तो अब मैं ही रख रहा हूँ। साथ में चाय पकौड़ी का आनन्द उठा रहा हूँ, फोन रख दो नहीं तो अब मैं ही रख रहा ह...
न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग
एक पहुंचे हुए संत प्रवचन सुना रहे थे "अज्ञानी" जनता को "मोक्ष" सिखला रहे थे। एक पहुंचे हुए संत प्रवचन सुना रहे थे "अज्ञानी" जनता को "मोक्ष" सिखला रहे थे...
जनवासे में शोर मच गया दूल्हे के दूर का फूफा रूठ गया। जनवासे में शोर मच गया दूल्हे के दूर का फूफा रूठ गया।
नेताजी की शेरवानी के बटन होल में नेताजी की शेरवानी के बटन होल में
ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर। ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर।
मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर चुकाया। मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर चुकाया।
आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सांसों से ज्यादा जरूरत ... आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सां...
द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती। द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती।
बादल को प्रतीक बनाकर वर्तमान परिवेश पर चोट करता एक गीत बादल को प्रतीक बनाकर वर्तमान परिवेश पर चोट करता एक गीत
प्यार से समझाने की बहुत कोशिश की रह-रहकर, मगर सब बेकार, बस बैठी थी वह एक ही रट लगाकर प्यार से समझाने की बहुत कोशिश की रह-रहकर, मगर सब बेकार, बस बैठी थी वह एक ही र...
निष्ठुर भाव से उन्होंने मना कर दिया फिर मैंने इस तरह आने का कारण पूछा निष्ठुर भाव से उन्होंने मना कर दिया फिर मैंने इस तरह आने का कारण पूछा
दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया
जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !! जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !!
सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे, सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे,