STORYMIRROR

suneeta gond

Crime Others

3  

suneeta gond

Crime Others

दहेज

दहेज

1 min
274

दिल दर्द और मौत के

दरमियान आखिर कौन है। 

मां की लाडली और पिता की

शहजादी का गुनहगार कौन है।

समाज के बनाए जा दकियानूसी,

रिवाजों का जिम्मेदार कौन है।

पति के रुप में मिला शैतान,

पत्नी पर भारी है।

ऐ दहेज तू भी कितनी जालिम है,

निगल चुकी आयशा को

तू कितनी शक्तिशाली है।

तड़पो, चीखों, चिल्लाओं,

न्याय की आशा में

अब देखे आखिर किसकी बारी है...



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Crime