देश को मेरे ये क्या हो रहा है
देश को मेरे ये क्या हो रहा है
इस देश में ये क्या हो रहा है ?
धर्म के नाम पर हर कोई लड़ रहा है
पर धर्म की राह पर ना कोई चल रहा है
इस देश को मेरे ये क्या हो रहा है ?
कभी रामभूमि पर झगड़े
तो कोई शाहीन बाग में अटके
इंसानियत पर ना कोई विचार कर रहा है ?
इस देश को मेरे ये क्या हो रहा है ?
ये जात पात क्यूँ हैं
धर्म पर हार _जीत क्यूँ हैं
क्यूँ मुल्कों में दंगे कराकर
क्यूँ दिलों के साथ ये राजनीति खेल - खेल रहा है
इस देश को मेरे ये क्या हो रहा है......?
