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Krishna Khatri

Drama

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Krishna Khatri

Drama

चोट

चोट

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जब तुम

पेट में थे

तब भी

हाथ-पांव मारते थे

अब भी मारते हो


लेकिन

तब और अब में

एक बुनियादी फर्क है


तब इसकी चोट

केवल मुझे लगती थी

अब पूरे घर को

लगती है।


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