Krishna Khatri
Inspirational
तुम क्यों इस तरह से
यूं उदास चेहरा लिए
बैठो हो चुपचाप ?
उठो, जिंदगी दे रही है
आवाज़ तुम को
फिर यह …..
मौका न मिलेगा दोबारा
इसे गँवाने की
हिमाकत न करो
सीने से लगा लो
बाहों में भर लो इसको
जी भर के जी लो !
यही इल्तिजा ह...
जब तक मीठा न ...
फितरत !
जी भर के जी ल...
जी लेंगे हम द...
आंखों ने देखा...
खलिश !
अश्रु मेरे .....
मां तुम अमृता...
जबतक सफल है, छोटे परिवार का नारा, तब तक रह सकता, सुखी परिवार हमारा। जबतक सफल है, छोटे परिवार का नारा, तब तक रह सकता, सुखी परिवार हमारा।
रहना जीवित यदि है ,करते रहो प्रयास। वरना खोना पड़ेगा, अर्जित सब विश्वास।1। रहना जीवित यदि है ,करते रहो प्रयास। वरना खोना पड़ेगा, अर्जित सब विश्वास।1।
पिंजरे के भीतर सुख सुविधाओं के साथ जीने वाले पक्षी के जीवन से ज्यादा आरामदायक है पिंजरे के भीतर सुख सुविधाओं के साथ जीने वाले पक्षी के जीवन से ज्यादा आराम...
जिंदगी मानो एक जंग है, देखो चहूं ओर यह कितनी तंग है, फिर भी मेरे अंदर एक उमंग है! जिंदगी मानो एक जंग है, देखो चहूं ओर यह कितनी तंग है, फिर भी मेरे अंदर एक उ...
कोरोना काल में भारत ने विश्व बंधुत्व दिखलाया! कोरोना काल में भारत ने विश्व बंधुत्व दिखलाया!
क्यों ना सब भूलाकर ज़िंदगी को खुलकर जिया जाए ? क्यों ना सब भूलाकर ज़िंदगी को खुलकर जिया जाए ?
बस और क्या बताऊं अपने बारे में, ऐसी ही हूं मैं, और ऐसी ही रहना चाहती हूं। बस और क्या बताऊं अपने बारे में, ऐसी ही हूं मैं, और ऐसी ही रहना चाहती हूं।
आँखों में न धूल डालिए, पैरो में जिसकी अनुराधा है, सबको धूल चटा दूँगी ! धूल की राह में आँखों में न धूल डालिए, पैरो में जिसकी अनुराधा है, सबको धूल चटा दूँगी ! धूल की...
हमें जो मिला है ये मानव शरीर इस पर गर्व कीजिए! हमें जो मिला है ये मानव शरीर इस पर गर्व कीजिए!
इंसान अपनी इंसानियत से हाथ धो रहा है ना जाने ये क्या हो रहा है? इंसान अपनी इंसानियत से हाथ धो रहा है ना जाने ये क्या हो रहा है?
एक तरीका चलो सभी मिलकर अपनाएं अपने अपने मोहल्ले मे एक भोजन बैंक बनाएं। एक तरीका चलो सभी मिलकर अपनाएं अपने अपने मोहल्ले मे एक भोजन बैंक बनाएं।
कामना शून्य जीवन है जिनका,, वही संत कहलाते हैं । मन को पल में निर्मल करते। कामना शून्य जीवन है जिनका,, वही संत कहलाते हैं । मन को पल में निर्मल करते।
किसी भी कीमत पर तुम वक्त खरीद ना पाओगे अफसोस भरे आंसू लिए दुनिया से चले जाओगे। किसी भी कीमत पर तुम वक्त खरीद ना पाओगे अफसोस भरे आंसू लिए दुनिया से चले जाओगे...
भूले से ऐसा ना करना अपनी नजर में गिर जाए पड़ना भूले से ऐसा ना करना अपनी नजर में गिर जाए पड़ना
जन्म जयंती पर, कोटि कोटि नमन है, उनकी कलम ने दिया हमें नया उजाला। जन्म जयंती पर, कोटि कोटि नमन है, उनकी कलम ने दिया हमें नया उजाला।
वो रण चंडी है भारत की हर क्षेत्र में शरहद पार रही । वो रण चंडी है भारत की हर क्षेत्र में शरहद पार रही ।
आधुनिकता की होड़ में। वैलेंटाइन डे .........नहीं। देश प्रेम दिवस मनाएंगे। आधुनिकता की होड़ में। वैलेंटाइन डे .........नहीं। देश प्रेम दिवस मनाएंगे...
जीवन से क्यों मौत भली लगती है आज जमाने में कहीं प्रेम पे संकट है या हारे साथ निभाने जीवन से क्यों मौत भली लगती है आज जमाने में कहीं प्रेम पे संकट है या हारे साथ...
क्या होगा जो पुष्प सभी उतर आएँ बगावत पर ? क्या होगा जो पुष्प सभी उतर आएँ बगावत पर ?
खेलौ रे खूब फाग रंग भरी होरी में । पर ना परि जाय गाँठ नेहा की डोरी मेें ।। खेलौ रे खूब फाग रंग भरी होरी में । पर ना परि जाय गाँठ नेहा की डोरी मेें ।।