STORYMIRROR

Shyam Kunvar Bharti

Action

3  

Shyam Kunvar Bharti

Action

चंद शेर और मुक्तक

चंद शेर और मुक्तक

1 min
278

मेरा अभिमान तू मेरा स्वाभिमान है तू

मेरी जान मेरा हिंदुस्तान है तू

गंगा की धार तुझमे शेर की दहाड़ है

कोटी कोटी नमन सबसे महान है तू।


मेरे दिल में रहो और कुछ न कहो

रगों वतन परस्ती बन रक्त तुम बहो

दिल मांग लो जिगर मांग लो

हिन्द के नाम जान मगर मांग लो।


जब सलामत वतन ही नहीं

खाये कौफ दुश्मन ही नहीं

वो जवानी रवानी किस काम की

जब मुस्कुराए चमन ही नहीं।


अखंड भूमि भारत गर्जना प्रचंड करेंगे

विश्व वियजी भारत क्यो नहीं घमंड करेंगे

हम वतनपरस्त आशिक मुझसे दिल ना लगाना

भारती अब मुझे कफन तिरंगा लिपट है जाना।


तुझे अपनी महबूबा मैं बनाऊँ कैसे

तुझसे कहो प्यार मैं जताऊँ कैसे

नजर जिगर समाई तस्वीरें वतन

बन गए दो जिस्म एक जान हो जैसे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action