Brijlala Rohanअन्वेषी
Action Classics Inspirational
तुम तिलकुट - सी लज़ीज़ !
मैं गुड़ -सा मीठा !
तुम चूड़ा- सी मनमोहक,
मैं दही -सा मधुर !
चलो संग मिलकर
चमन में कांति बढ़ाते हैं,
चलो हम भी संग में
मकर संक्रांति मनाते हैं !
लोकतंत्र के स...
पुस्तक मेला
मेरा ठिकाना
विश्व गुरु हम...
विनाश के मार्...
एक अतिरिक्त र...
एक निर्दोष लड...
पेपर लीक
*एक और पेशाब ...
फातिहा मौत क...
मदर्स डेकी हार्दिक बधाई<br>मां की ममता अनमोल होती है। उसमें कोई झोल नहीं होता है। क्योंकि वह तो मां ... मदर्स डेकी हार्दिक बधाई<br>मां की ममता अनमोल होती है। उसमें कोई झोल नहीं होता है...
कुछ लोगों से सुना था कि रिश्ता बराबरी वालों में होना चाहिए अक्सर सोचती थी ऐसा क्यों? अब लगता है कि ... कुछ लोगों से सुना था कि रिश्ता बराबरी वालों में होना चाहिए अक्सर सोचती थी ऐसा क...
<br> प्यार किसी जिस्म से नहीं <br> एक इंसान से ही सही <br> ईमान से ही सही इश्वर से ... <br> प्यार किसी जिस्म से नहीं <br> एक इंसान से ही सही <br> ईमान ...
ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्यों ढूंढे ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्य...
ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात ना होती है ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात न...
दीप्ति मिश्रा<p><br /></p><p>वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है</p><p>ये अगर रस्मों रिवाजों से ... दीप्ति मिश्रा<p><br /></p><p>वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है</p><p>ये अग...
जिंदगी तेरी मेरी कहानी है यह हकीकत हमने जानी है। जिंदगी ने हमको बहुत कुछ दिया है। सारे पल हमने हंसी... जिंदगी तेरी मेरी कहानी है यह हकीकत हमने जानी है। जिंदगी ने हमको बहुत कुछ दिया है...
असंख्य शत्रु सामने, गिरे न स्वेद भाल से। स्वदेश के लिए लड़ो, महा कराल काल से॥ असंख्य शत्रु सामने, गिरे न स्वेद भाल से। स्वदेश के लिए लड़ो, महा कराल काल से॥
कुछ इंसान हैं इस भीड़ में जो बिना मोलभाव किए ऐन वक्त पर कुछ इंसान हैं इस भीड़ में जो बिना मोलभाव किए ऐन वक्त पर
फांसी के फंदे को गले में फूल माला जैसे हंसते-हंसते पहना था। फांसी के फंदे को गले में फूल माला जैसे हंसते-हंसते पहना था।
नौजवानों इस वतन का कल है हाथों में तुम्हारे। नौजवानों इस वतन का कल है हाथों में तुम्हारे।
कुछ हक़ तो उसका भी था जिसने हमदम हमसफर बन सात जन्मो के लिए साथ निभाने का वचन दिया, कुछ हक़ तो उसका भी था जिसने हमदम हमसफर बन सात जन्मो के लिए साथ निभाने का वचन दिया...
प्रधान मंत्री जी, स्पष्ट उद्देश्य के साथ, साल दर साल भारत का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधान मंत्री जी, स्पष्ट उद्देश्य के साथ, साल दर साल भारत का नेतृत्व कर रहे ह...
नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।। नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।।
अब समय आ गया है एकजुट होने का वरना अब पछताने का मौका नहीं मिलेगा जाति पांति भूलकर हिन्दू बन ... अब समय आ गया है एकजुट होने का वरना अब पछताने का मौका नहीं मिलेगा जाति पा...
बदमाश के साथ बदमाशी करना जायज़ है!<br>बेईमान के साथ बेईमानी करना जायज़ है!<br>धोखेबाज के साथ धोखेबाज... बदमाश के साथ बदमाशी करना जायज़ है!<br>बेईमान के साथ बेईमानी करना जायज़ है!<br>धो...
गीत : भारत के कदमों के नीचे नापाक पगड़ी होगी <br><br>ज़ख्म गहरा खाया है तो मार भी तगड़ी होगी <br>भार... गीत : भारत के कदमों के नीचे नापाक पगड़ी होगी <br><br>ज़ख्म गहरा खाया है तो मार भ...
बैसाखी का त्यौहार आया । हर घर में है मंगल छाया। हर किसान का मन हर्षाया। भगवान को धन्यवाद का सबने मन ... बैसाखी का त्यौहार आया । हर घर में है मंगल छाया। हर किसान का मन हर्षाया। भगवान को...
विस्मृत पथ पर चलते-चलते, नजरें ठहरीं एक बार, विस्मृत पथ पर चलते-चलते, नजरें ठहरीं एक बार,
ना तूने सोचा था ना मैंने क्या से क्या हो गया बस्स देखते देखते ना तूने सोचा था ना मैंने क्या से क्या हो गया बस्स देखते देखते