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Sandeep Kumar

Classics

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Sandeep Kumar

Classics

चलो चले हम चलते हैं

चलो चले हम चलते हैं

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चलो चले हम चलते हैं

अपनी राहों पर बढ़ते हैं

कुछ करने को मैदान में

दम खम से उतरते हैं।


कठिन राह पर बढ़ते हैं

बुनियादी जीवन गढ़ते हैं

सुख सुविधा वैभव छोड़ 

परिश्रम करने चलते हैं।


चलो चले हम चलते हैं

अपनी राहों पर बढ़ते हैं।


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