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Dr Mohsin Khan

Tragedy

4  

Dr Mohsin Khan

Tragedy

चलन

चलन

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पहना रही है माँ 

अपने बच्चे को नई चप्पल,

त्यौहार आने ही वाला है,

दिन-दिनभर मज़दूरी करती रही,

बिना चप्पल के खुद काम करती रही,

थोड़ा-थोड़ा करके पैसा बचाया,

ये अहसास सिर्फ माँ को ही है।

बच्चा तलाश कर रहा है

चप्पलों में स्टाइल और रंग,

माँ का कहना है ले ले

जो भी पसंद आए,

हैं मेरे पास इतने पैसे।

बच्चा पहन लेगा चप्पल

अपने पैरों में,

लेकिन उन्हीं पैरों से 

छोड़कर चला जाएगा 

अपनी माँ को एक दिन!!!



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