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AVINASH KUMAR

Abstract Romance

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AVINASH KUMAR

Abstract Romance

चल नए रंग का प्यार करें

चल नए रंग का प्यार करें

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इस रंग बदलती दुनिया में

चल नए रंग का प्यार करें

प्रीत लहर में डुबते-तिरते

चल ये दुनिया पार करें,


ये दुनिया चाहे जो बोले

चाहे पागल, चाहे दीवाना

मैं तेरा पागल हो जाऊँगा

तू मेरी दीवानी हो जाना,


दुनिया की परवाह ना कर

बस तू मेरी दुनिया हो जाना

मैं तुझमें ही गुम जाऊँगा

और तू मुझमें ही खो जाना,


इस दुनिया के चक्कर में

प्यार कहीं ना मिट जाए

आग लगाकर दुनिया को

रात बुझा कर सो जाना,


इस दुनिया के रस्मों में

जोड़ बहुत हैं तोड़ बहुत

सातों फेरों के फेरे में

बंधन बहुत हैं दौड़ बहुत,


सारी दुनिया परे भाड़ में

ये हमको भला क्या दे देगी

जो प्यार पर अपने नज़र परी

बस लैला-मजनू कर देगी,


चल खुल्लम खुला प्यार करें

बस खुलकर आँखें चार करें

ताज़ी-ताज़ी अकड़ी दुनिया को

चल मिल रद्दी अख़बार करे।


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