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Prafulla Kumar Tripathi

Romance Action Inspirational

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Prafulla Kumar Tripathi

Romance Action Inspirational

चिर निनाद ! (प्यार)

चिर निनाद ! (प्यार)

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1- शब्द सम्पदा जैसे होते।

गहरे तक जाकर मन छू लेते।।


2- लिखने वाले के अन्तर की। 

एक एक परतें पढ़ लेते।।


3- तुमने लिखी देंह की गाथा। 

चूमा मैनें तेरा माथा।।


4- बैठा ऊपर एक विधाता।

बार बार मुझको समझाता।।


5- नारी छुई मुई सा पौधा। 

करना कभी न उनसे  सौदा।।


6- 'सिक्स सेंस' है उनमें ज़्यादा।

उन्हीं से बनता सदा घरौंदा।।


7- 'काम ' की चाहत उनको भी है।

'काम' वासना उनसे ही है।।


8- कामशास्त्र की वे 'डिक्शनरी'।

  सुख समृद्धि की वे दोपहरी।।


9- काम समाज का अंत, आदि है।

   काम धरा की महा व्याधि है।।


10- "सेक्स" दिला सकता समाधि।

    उत्सर्जन होता चिर निनाद।।


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