STORYMIRROR

Hardik Mahajan Hardik

Romance

4  

Hardik Mahajan Hardik

Romance

फ़िज़ा हूँ मैं

फ़िज़ा हूँ मैं

1 min
500

फ़िज़ा हूँ मैं तो मेरी शाम तुम हो

ख़िज़ाँ हूँ मैं तो मेरी रात तुम हो


मंजिल हूँ मैं तो मेरी पहचान तुम हो

वक़्त हूँ मैं तो मेरा ख़याल तुम हो


तन्हा हूँ मैं तो मेरा हर पल तुम हो

ख़ता हूँ मैं तो मेरी रंगत तुम हो


इल्म हूँ मैं तो मेरा ज़ुल्म तुम हो

हज़्र हूँ मैं तो मेरा कर्ज़ तुम हो.



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance