चालक
चालक
हर रोज की तरह सरपट कार दौड़ाई
जीविका के लिए करनी पड़ती है कमाई
क्या आज कोई सवारी मिल पाएगी
या इसी चिंता में जिन्दगी कट जाएगी
ना ही कभी कम ना ही कभी ज्यादा
नहीं चाहिए बिना मेहनत का फायदा
जितना किराया बनता
बस उतना ही जमता
जाने क्यों लोगों को धोखाधड़ी भाती
किसी को सजाकर मुझे ना नींद आती
अपना मानना ग्राहक की सुरक्षा प्रथम
निभा पाऊँ अपना कर्तव्य मैं हर कदम
ईमानदारी से मुझे अपना फ़र्ज निभाना है
हर ग्राहक को उसके गंतव्य पहुँचाना है
जागरूकता होनी चाहिए हर नागरिक में
जिससे ना फंसे वह किसी मुसीबत में
सिर्फ चालक बन जिम्मेदारी पूरी नहीं होती
इंसानियत की भीतर हर दम जरूरत होती।
