STORYMIRROR

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

4  

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

बर्बाद

बर्बाद

1 min
214

तुझे देखकर मेरा दिल दिवाना बन गया,

तेरे पीछे चलकर मै तेरा साया बन गया,

रात दिन तेरे चौकीदारी करते करते मै,

हमेशा तेरे इश्क का थानेदार बन गया।


तेरे मीठे अल्फ़ाजो से मै शायर बन गया,

तेरा इशारा समझ कर मै प्यासा बन गया,

मेरी इश्क की प्यास मिटाने के लिये मै,

तेरी इश्क की गहे री नदियाँ में डूब गया।


तेरे बेसूमार हूश्न से मै मदहोश बन गया,

बिना शराब पिए मुझे तेरा नशा चढ़ गया,

तेरे हुस्न के नशे में झूमते और नाचते मै,

तेरे इश्क के मैखाने की महफ़िल बन गया।


जीवन भर तेरे इश्कbका आशिक बन गया,

तुझे दिल में बसाने के लिये मै बर्बाद हो गया,

अब न पूछो मेरी खैरियत के बारेbमे "मुरली",

मै तो तेरे इश्क में हमेशा बेहाल हो गया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance