बनी रहे नजदीकियाँ
बनी रहे नजदीकियाँ
हम तुम्हारे बिन अधूरे हैं
संग तुम्हारे ही पूरे हैं,
दिन हो या रात हम
हमेशा साथ साथ हैं,
माना कि है रास्तों
में लाख दूरियाँ,
मिलने में भी है लाख
लाख मजबूरियाँ,
जिन्हें समझना औऱ
समझाना भी मुश्किल,
बस खुदा से है मेरी
इतनी सी दुआ,
कि कभी दिलों में
आयेे ना दूरियाँ
हमेशा दिलों मे
बनी रहे नजदीकियाँ।

