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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

बिरहाँ की ज्वाला

बिरहाँ की ज्वाला

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सपनेमें देखता हुं मै तुजको,

रुबरुं मुलाकात कब होगी ?

रातें बिताउं तारे गीन गीन मै,

प्यार की रोशनी कब होगी ?


तड़प रहा हुं मिलन की आगमें,

मिलन की तड़प कब पूर्ण होगी ?

सज़ा रहा हुं सपनोंका महल मै,

मेरे प्यारकी पूकार कब सूनेगी ?


बिता रहा हुं मेरा जीवन पतझडमें,

मेरे जीवनमें बसंत कब आयेगी ?

जी रहा हुं मै बिरहाँ की ज्वालामें,

प्यारकी ज्योत मेरी कब प्रगटेगी ?


आजा जानेमन बाट देखुं मै तेरी,

मेरे सपनोंकी रानी तु कब होगी ?

तुझको दिल में समाउंगा"मुरली",

प्यार की प्यास मेरी कब बूझेगी ?


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