बिरहाँ की ज्वाला
बिरहाँ की ज्वाला
सपनेमें देखता हुं मै तुजको,
रुबरुं मुलाकात कब होगी ?
रातें बिताउं तारे गीन गीन मै,
प्यार की रोशनी कब होगी ?
तड़प रहा हुं मिलन की आगमें,
मिलन की तड़प कब पूर्ण होगी ?
सज़ा रहा हुं सपनोंका महल मै,
मेरे प्यारकी पूकार कब सूनेगी ?
बिता रहा हुं मेरा जीवन पतझडमें,
मेरे जीवनमें बसंत कब आयेगी ?
जी रहा हुं मै बिरहाँ की ज्वालामें,
प्यारकी ज्योत मेरी कब प्रगटेगी ?
आजा जानेमन बाट देखुं मै तेरी,
मेरे सपनोंकी रानी तु कब होगी ?
तुझको दिल में समाउंगा"मुरली",
प्यार की प्यास मेरी कब बूझेगी ?

