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Pooja Varshney

Drama Tragedy Others

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Pooja Varshney

Drama Tragedy Others

भूमिकाओं की जंग

भूमिकाओं की जंग

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निभाने हैं कई कर्तव्य इस दुनिया में मुझे,
पर दो भूमिकाओं के बीच आकर फँस गया हूँ।
गर बेटा हूँ जो अच्छातो हूँ अच्छा पति भी मैं,
समझाते हुए लोगों को बस अब थक गया हूँ।

कोई उम्मीद करता है श्रवण बनने की मुझसे तो,
किसी के राम बनने की उम्मीदें भी जुड़ी मुझसे।
क़ाबिल हूँ नहीं इतना कि मैं श्रीराम बन जाऊँ,
श्रवण जितना वो धैर्य भी कहाँ से मैं ही ला पाऊँ।

निभाता हूँ गर भूमिका पति तो डर बस इतना है,
कि खो  दूँ जो बेटा है कहीं छुपा हुआ मुझमें।
किरदार बेटे का मिले मुझको निभाने को,
कहीं अन्याय  कर दूँ मैं फिर भीतर के पति में।

एक जाल में फँसा हूँ मानो चक्रव्यूह जैसे,
जिसमें कौन है सही तो कभी कौन ग़लत है।
ख़्वाहिश यही बस साथ लेकर दोनों को चलूँ,
ख़रा उतरने के लिए परीक्षा कठिन बहुत है।

© Pooja Varshney, 2025 | All rights reserved.

(poojavarshney19@gmail.com)



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