ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर
कहा जो हमने तुमसे था, दिखाया करके तुमको आज।
बहुत समझाया था हमने, तुम हरकत से न आए बाज।
जो पाले थे तुम आतंक के कीड़े अपनी गोद में,
सफ़ाया कर दिया हमने, छुपा न दुनिया से ये राज।
किसी की गोद उजड़ी थी, किसी का छीना था सुहाग।
न भूले हैं न भूलेंगे हम उन सब देवियों का त्याग।
जो बोले थे कि कह दो मोदी से तुम जाके ये घटना,
लो अब आकर लगाएगा तुम्हारी लंका में वो आग।
तेरी सब हरकतें नापाक, नीयत तेरी नहीं मासूम।
हमारी फ़ौज की ताकत लगेगी अब तुझे मालूम।
करे जो सैकड़ों आतंकियों के सर कलम हमने,
प्रतिशोध पूरा हो बहाकर ज़ुल्मियों का खून।
मिटाया मांग का सिंदूर बड़ी बेरहमी से तुमने,
मगर सौगंध उस सिंदूर की खाई है अब हमने।
कि ढूंढेंगे एक-एक आतंकी को जो छुप के बैठा है,
अभी शुरुआत ये तो बस, नहीं वाले अब हम थमने।
