नया भारत
नया भारत
न मारा है मासूमों को,
न धर्म पूछ कर अलग किया।
चुन-चुन के खत्म किया हमने,
उन आतंकियों को सबक दिया।
तुम्हारी एक-एक गोली पर,
हम गोला बनकर बरसेंगे।
हालत ऐसे हो जाएगी,
लोग पानी को भी तरसेंगे।
उठाना आँख न भूले से,
वरना तो तुम पछताओगे।
जो बचे-कुचे भी बैठे हो,
सब मिट्टी में मिल जाओगे।
सेना अपनी फौलादी है,
तुम जैसे हम डरपोक नहीं।
एक बच्चा तक ये जानता है,
कि कौन गलत है कौन सही।
जितनी डींगे तुम हाँके हो,
प्रमाण नहीं एक कौड़ी का।
शहबाज़ मज़ाक है दुनिया में,
सम्मान हुआ है मोदी का।
तुम चाहते हो गर पानी तो,
फिर खून बहाना बंद करो।
व्यापार तभी मुमकिन है गर,
पाले आतंकी खत्म करो।
वाकिफ़ हम तेरी फ़ितरत से,
न सुधरा है न सुधरेगा।
ये रूप नया है भारत का,
आतंक जो सिला वो उधड़ेगा।
- Pooja Varshney (poojavarshney19@gmail.com)
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