STORYMIRROR

अच्युतं केशवं

Tragedy

4  

अच्युतं केशवं

Tragedy

भारतीय प्रजा प्रजातीय

भारतीय प्रजा प्रजातीय

2 mins
360

भारतीय प्रजा

प्रजातीय-पेशेवर-राजनैतिक गड़ेरीयों की पालतू

राजनीति कुपढ़ भेड़ों का झुण्जिन के लिए

आजादी का

नागरिकता का

और

आजाद नागरिक अधिकारों का

कुल मतलब है

बैंक खाते से जुड़ा आधार कार्ड और

उसमें विविध स्त्रोतों से गिरती

सब्सिडी

खेती – मजूरी के लिए

सस्ता सरकारी कर्ज

और

कर्ज की सरकारी माफी

राशन की सरकारी दुकान

और

पात्र ग्रहस्थी सूची में दर्ज सपरिवार नाम

सरकारी नौकरी

सरकारी खाना

सरकारी पखाना

सरकारी मकान

सरकारी शिक्षा

सरकारी यात्रा

सरकारी बीमारी मय सरकारी इलाज

यानि

हर सरकारी कोढ़ और

सरकारी कोढ़ में अन्तर्व्यापित सरकारी खाज

उन्हें

स्वीकार है

इस सबके लिए

पंक्तिबद्ध अनुशासित सगर्व

बार-बार

बेतरह मूड़ी जाना और

पूरे घामड़ पन के साथ गड़ेरिये की बेसुरी बांसुरी पर

सिर हिला-हिलाकर

आजादी-जम्हूरियत के गीत गाना

और एक दिन

स्वामी-भक्ति

सेवक धर्म का पालन करते हुए

उसी की थाली में निवाला बन जाना।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy