STORYMIRROR

Tanha Shayar Hu Yash

Romance Tragedy

4  

Tanha Shayar Hu Yash

Romance Tragedy

बहुत दिन हुए

बहुत दिन हुए

1 min
233

बहुत दिन हुए


बहुत दिन हुए तुमसे बात नहीं हुई

बेकार की बातें हुई कोई बरसात नहीं हुई।  


बहुत सताया है तुमने हमको जान लो 

नराज़ों की भी बात नहीं बहे आंसू तू साथ नहीं हुई।  


बहुत दिन हुए तुमसे बात नहीं हुई... २ 


आजकल दिल में जो दर्द उठता है तन्हाई में 

ये गम पलकें तो भिगोता है पर अश्कों की बात नहीं हुई।  

अब तुमसे ही है ज़िंदगी रौशनी अंधेरों में 

रही बहुत परछाइयाँ साथ अंधेरों में कोई साथ नहीं हुई।  


बहुत दिन हुए तुमसे बात नहीं हुई... २ 

 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance