Ankita Srivastava
Classics
मुझको अपने भारत की
मिट्टी से अनुपम प्यार है।
इस मिट्टी से तिलक किया था
दशरथ नंदन राम ने।
इस मिट्टी पे गीता गाई
यदुकुल भूषण श्याम ने।
इस मिट्टी के आगे मस्तक
झुकता बारम्बार है।
मित्रवत व्यवह...
आसूँ
माँ
रंगीन मिज़ाज़
रंग तरंग
ज़िन्दगी
मोहब्बत
प्रणय
भारत की मिट्ट...
भारत की बेटी
कुछ अपनी सुना ये मन मेरा मायल हुआ तूने निभायी वफ़ा यूँ ही तेरा का़यल हुआ। कुछ अपनी सुना ये मन मेरा मायल हुआ तूने निभायी वफ़ा यूँ ही तेरा का़यल हुआ।
चिता की आग अपने हाथों से देता हूं, तब तुम उस जहां की वैतरणी पार करते हो.....! चिता की आग अपने हाथों से देता हूं, तब तुम उस जहां की वैतरणी पार करते ...
एक एक से इक्कीस का सपना पूरा हुआ आज घर का आंगन छोटा हो गया एक एक से इक्कीस का सपना पूरा हुआ आज घर का आंगन छोटा हो गया
------- भीम के हाथों मदकल, अश्वत्थामा मृत पड़ा, धर्मराज ने झूठ कहा, मानव या कि गज। ------- भीम के हाथों मदकल, अश्वत्थामा मृत पड़ा, धर्मराज ने झूठ कहा, ...
अभी अभी थी धूप, बरसने लगा कहाँ से ये पानी। अभी अभी थी धूप, बरसने लगा कहाँ से ये पानी।
मोहब्बत में अगर स्वार्थ होता तो शिव और गोरा का नाम ना होता! मोहब्बत में अगर स्वार्थ होता तो शिव और गोरा का नाम ना होता!
ओ मेरे तसव्वुर की सुरबाला कसम से मैंने अपनी कला तुम्हारे नाम लिखी है। ओ मेरे तसव्वुर की सुरबाला कसम से मैंने अपनी कला तुम्हारे नाम लिखी है।
ये ज़िंदगी मेरी है और मेरी ही रहेगी इस दाग़ के साथ में हमेशा खूबसूरत ही देखूँगी। ये ज़िंदगी मेरी है और मेरी ही रहेगी इस दाग़ के साथ में हमेशा खूबसूरत ही देखूँग...
घटिया जन से बचना, वो होते हैं जैसे हो नाग।। घटिया जन से बचना, वो होते हैं जैसे हो नाग।।
ब्रूटस था रोम का राजा, पाले गिद्ध विशाल। ब्रूटस था रोम का राजा, पाले गिद्ध विशाल।
जाने कितनी ही कुंठाओं का द्वापर से अब तक चुभता कांटा। जाने कितनी ही कुंठाओं का द्वापर से अब तक चुभता कांटा।
भीष्म पितामह को भी तो था, इसी इच्छा मृत्यु का वरदान, भीष्म पितामह को भी तो था, इसी इच्छा मृत्यु का वरदान,
चाहे पुरूष उसे प्रेम करे न करे रहती है उस घर मैं जो उसका कभी होता ही नहीं। चाहे पुरूष उसे प्रेम करे न करे रहती है उस घर मैं जो उसका कभी होता ही नहीं।
समझ मे आया तो अच्छा असर कर जाता, नहीं तो सब उलटा पालटा हों ही जाता। समझ मे आया तो अच्छा असर कर जाता, नहीं तो सब उलटा पालटा हों ही जाता।
दिलों की मधुर आवाज ये बेटियाँ, सुरों की सरताज होती ये बेटियाँ। दिलों की मधुर आवाज ये बेटियाँ, सुरों की सरताज होती ये बेटियाँ।
हैं वो भी एक हिस्सा इस देश और समाज का, लगे करने अध्ययन जी जान से कुछ बनने की चाह में। हैं वो भी एक हिस्सा इस देश और समाज का, लगे करने अध्ययन जी जान से कुछ बनने की ...
एक ज़िंदगी में तुम साँसें भरते हो जान, गाहे-बगाहे आया भी करो एक ज़िंदगी में तुम साँसें भरते हो जान, गाहे-बगाहे आया भी करो
भाद्रपद था वह मास ,अष्टमी तिथि, जब विराजे नन्हे कृष्ण बन लाल देवकीनंदन। भाद्रपद था वह मास ,अष्टमी तिथि, जब विराजे नन्हे कृष्ण बन लाल देवकीनंदन।
छुड़ा दो कैद से मेरा मन चमन, गूंजेगी तभी धुन, बजेंगे सरगम। छुड़ा दो कैद से मेरा मन चमन, गूंजेगी तभी धुन, बजेंगे सरगम।
महा ज्ञानी मैं पराक्रमी मैं भूल थी था जरा अभिमानी मै कुल भी उच्च मेरा। महा ज्ञानी मैं पराक्रमी मैं भूल थी था जरा अभिमानी मै कुल भी उच्च मेरा।