Ankita Srivastava
Classics
मुझको अपने भारत की
मिट्टी से अनुपम प्यार है।
इस मिट्टी से तिलक किया था
दशरथ नंदन राम ने।
इस मिट्टी पे गीता गाई
यदुकुल भूषण श्याम ने।
इस मिट्टी के आगे मस्तक
झुकता बारम्बार है।
मित्रवत व्यवह...
आसूँ
माँ
रंगीन मिज़ाज़
रंग तरंग
ज़िन्दगी
मोहब्बत
प्रणय
भारत की मिट्ट...
भारत की बेटी
भगवान विष्णु ने, भोले बाबा को, अपनी आंख भेंट कर दी। भगवान विष्णु ने, भोले बाबा को, अपनी आंख भेंट कर दी।
स्टोरी मिरर हमारा , बुलंदियों पे पहुँचाने वाला प्लेटफार्म प्यारा I स्टोरी मिरर हमारा , बुलंदियों पे पहुँचाने वाला प्लेटफार्म प्यारा I
शांतिदूत बन आएं कृष्णा पर, दुर्योधन युद्ध ही चाहे। शांतिदूत बन आएं कृष्णा पर, दुर्योधन युद्ध ही चाहे।
दूर ही सही पर यादों में हमारे हमेशा संग-संग ही रहना। दूर ही सही पर यादों में हमारे हमेशा संग-संग ही रहना।
कौशिक ब्राह्मण की पत्नी के डर से, इंतजार सूर्यदेव जब, उदय होने का करते हैं। कौशिक ब्राह्मण की पत्नी के डर से, इंतजार सूर्यदेव जब, उदय होने का करते हैं।
कैसे करूँ अहसान अदा ये तेरा कर्ज़दार अपना तूने मुझे बना दिया। कैसे करूँ अहसान अदा ये तेरा कर्ज़दार अपना तूने मुझे बना दिया।
करे ना मान क्षुब्ध हैं हिमवान मांगे प्रमाण करे ना मान क्षुब्ध हैं हिमवान मांगे प्रमाण
सर्द हवाएं मस्त फिज़ाएँ सर्द हवाएं मस्त फिज़ाएँ
आवास करते घनघोर अँधेरें हैं। अस्त हो गये हँसते सपने, आँसू भरे अभावों में।। आवास करते घनघोर अँधेरें हैं। अस्त हो गये हँसते सपने, आँसू भरे अभावों में।।
नैराश्य धुल गये जीवन के, अनुरक्त प्रीति की मधुर भाषा में। नैराश्य धुल गये जीवन के, अनुरक्त प्रीति की मधुर भाषा में।
जग एक दिन बनेगा, तेरी सोच का गवाह लिखता रह नित साखी, सत्य विचार यहां। जग एक दिन बनेगा, तेरी सोच का गवाह लिखता रह नित साखी, सत्य विचार यहां।
सीता को कुटिया में न देख राम लक्ष्मण की आँख भर आईं सीता को कुटिया में न देख राम लक्ष्मण की आँख भर आईं
आशा नही छोड़ी मैंने बस राह दूर तक जरुर देखता हूं। आशा नही छोड़ी मैंने बस राह दूर तक जरुर देखता हूं।
मिल कर रहें सब जन सदा संदीप से, दिल से हमें दिल को लगानी चाहिए। मिल कर रहें सब जन सदा संदीप से, दिल से हमें दिल को लगानी चाहिए।
मन नीर कणों सा निर्मल है फिर भी जीवन बाती-सा जलता हैं। मन नीर कणों सा निर्मल है फिर भी जीवन बाती-सा जलता हैं।
दशरथ नंदन रघुपति का युग , रामराज्य कहलाया। दशरथ नंदन रघुपति का युग , रामराज्य कहलाया।
जो हो आदर्श और अनुकरणीय जिसे शेष अपनाएं। जो हो आदर्श और अनुकरणीय जिसे शेष अपनाएं।
यहाँ राम की मर्यादा है, रावण के बगैर रामायण की यहाँ राम की मर्यादा है, रावण के बगैर रामायण की
पशु-पक्षी घर द्वार के, दोस्त बने दिन-रात। देते हैं बिन मोल वह, खुशियों की सौगात।। पशु-पक्षी घर द्वार के, दोस्त बने दिन-रात। देते हैं बिन मोल वह, खुशियों की सौग...
एक कथा लिखती यहाँ,वृंदा जिसका नाम। वृंदा परिणय सूत्र बँध,गयी जलंधर धाम। एक कथा लिखती यहाँ,वृंदा जिसका नाम। वृंदा परिणय सूत्र बँध,गयी जलंधर धाम।