STORYMIRROR

Ankita Srivastava

Romance

2  

Ankita Srivastava

Romance

मोहब्बत

मोहब्बत

1 min
171

सोचा है आज फिर उससे इज़हार कर दें हर एक लम्हे में हम प्यार भर दें सोचा है जी लें ज़िन्दगी का हर लम्हा उसके साथ उससे मोहब्बत का इक़रार कर दें

सोचा है आज मौके का दीदार कर दें हर एक लम्हें में हम प्यार भर दें

सोचा है आज देखें उन्हें जी भर के

ज़िन्दगी की सारी खुशियाँ उनको वार कर दें

सोचा आज फिर उससे इज़हार कर दें

सोचा है बोल दें अपने जीवन का फितूर बोल दें सच्चाई और बोल दे उसूल

सोचा है बोल दें वक़्त की नज़ाकत को अपने पन की आदत को मन के भेद खोल दें सोचा राज़ सारे खोल दें

सोचा आज उसका मन प्रेम से भर दें

सोचा मोहब्बत का इज़हार कर दें

सोचा है बोल दें मन की वो बात वो सुखद संवाद वो हसीन मुलाक़ात वो हर लम्हे के ज़ज़्बात वो हर पल की याद आज हम बोल दें मन के राज़ खोल दें सोचा आज जी भर के हम प्यार भर दें फ़िर से उससे आज हम इज़हार कर दें



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance