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Riya yogi

Abstract

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Riya yogi

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भारत के वीर ....

भारत के वीर ....

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कितने वीरों की दास्तां - ए जुबानी लिखूं,

कितनी आंखो से बरसता वो पानी लिखूं,

कितने वीरों की लहू भरी जवानी लिखूं,

कितनों की मैं अविरल कथा सुहानी लिखूं,


कितनी माओ की ममता भरी वाणी लिखूं ,

कितनी बहनों की सुनी पड़ी वो राखी लिखूं,

वीरों के बलिदानों की मैं कितनी अमर कहानी लिखूं,

कितने भगतसिंह, राजगुरु और कितने आजाद लिखूं,


कितने जाबाजों की वीरता की मैं हर बात लिखूं,

कितने सपूतों की कहानी नई और पुरानी लिखूं,

कितनी विरांगना झांसी वाली रानी लिखूं,

कितने गीत शूरवीरों के, कितने जज़्बात लिखूं

इस माटी के रंग में रंगे, मैं कितने हिन्दुस्तानी लिखूं।


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